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Operating System Kya Hai | ऑपरेटिंग सिस्टम के 6 प्रकार एवं कार्य

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दोस्तों आज के इस आर्टिकल में Operating System Kya Hai ? ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार एवं इसके कार्य के बारे में विस्तार से जानेंगे जिससे आप Operating System Kya Hai ? एवं इससे सम्बन्धित सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकें।

अगर आप स्मार्टफोन, टेबलेट या कम्प्यूटर का उपयोग करते हैं तो आपने Android, Os और Windows का नाम तो जरूर सुना होगा। ये कुछ सबसे पाॅपुलर ऑपरेटिंग सिस्टम हैं।

इस आर्टिकल में हम आपको Operating System Kya Hai के साथ साथ कुछ महत्वपूर्ण मोबाइल एवं कम्प्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में बताएंगे। तो चलिए सबसे पहले Operating System Kya Hai ? के बारे में जानते हैं।

Operating System Kya Hai in Hindi – What is Operating System?

Operating System कुछ विशेष प्रोग्रामों का ऐसा व्यवस्थित समूह है जो किसी कम्प्यूटर के सम्पूर्ण क्रियाकलापों को नियन्त्रित करता है। यह कम्प्यूटर के साधनों के उपयोग पर नजर रखने और व्यवस्थित करने में हमारी मदद करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम आवश्यक होने पर अन्य प्रोग्रामों को चालू करता है। वास्तव में यह User और कम्प्यूटर के Hardware के बीच इण्टरफेस का कार्य करता है।

Operating System की परिभाषाएं

Operating System Kya Hai ? के बारे में जानने के बाद ऑपरेटिंग सिस्टम की कुछ प्रमुख परिभाषाएं जानते हैं जो निम्नलिखित हैं

  • Operating System एक ऐसा Software प्रोग्रामों का समूह है जो मानव, Application Software और कम्प्यूटर Hardware के बीच संवाद स्थापित करता है।
  • Operating System एक ऐसा प्रोग्राम है, जो कम्प्यूटर के विभिन्न अंगो को निर्देश देता है कि किस प्रकार से प्रोसेसिंग का कार्य सफल होगा।
  • Operating System एक ऐसा Software है. जो यूजर एवं कम्प्यूटर Hardware के बीच एक माध्यम की भाँति कार्य करता है।

Operating System के प्रमुख कार्य

Operating System कम्प्यूटर के सफल संचालन की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसके प्रमुख कार्य चार प्रकार के होते हैं।

प्रोसेसिंग प्रबन्धन

कम्प्यूटर के Central Processing Unit के प्रबन्धन का कार्य Operating System ही करता है। यह प्रबन्धन इस प्रकार से होता है कि सभी प्रोग्राम एक-एक करके निष्पादित होते हैं। ऑपरेटिंग सिस्टम सभी प्रोग्रामों के समय को Central Processing Unit के लिये विभाजित कर देता है।

मैमोरी प्रबन्धन

प्रोग्राम के सफल निष्पादन के लिए Operating System मैमोरी प्रबन्धन का अत्यन्त ही महत्वपूर्ण कार्य करता है। जिसके अन्तर्गत कम्प्यूटर मैमोरी में कुछ स्थान सुरक्षित रखे जाते हैं। जिनका विभाजन प्रोग्रामों के मध्य किया जाता है तथा साथ ही यह भी ध्यान में रखा जाता है कि प्रोग्रामो को मैमोरी के अलग-अलग स्थान प्राप्त हो सके।

किसी भी प्रोग्राम को इनपुट एवं Output करते समय आँकड़ों एवं सूचनाओं को अपने निर्धारित स्थान में संग्रहीत करने का कार्य भी Operating System का है।

इनपुट-आउटपुट युक्ति प्रबन्धन

डेटा को इनपुट यूनिट से पढ़कर मैमोरी में उचित स्थान पर संग्रहीत करने एवं प्राप्त परिणाम को मैमोरी से Output यूनिट तक पहुंचाने का कार्य भी ऑपरेटिंग सिस्टम का ही होता है। प्रोग्राम लिखते समय कम्प्यूटर को केवल यह बताया जाता है कि हमे क्या इनपुट करना है, बाकी का कार्य Operating System ही करता है।

फाइल प्रबन्धन

Operating System फाइलों को एक सुव्यवस्थित ढ़ंग से किसी डायरेक्टरी में संग्रहीत करने की सुविधा प्रदान करता है। किसी प्रोग्राम के निष्पादन के समय इसे सेकण्डरी मैमोरी से पढ़कर प्राइमरी मैमोरी में डालने का कार्य भी ऑपरेटिंग सिस्टम ही करता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार – Types of Operating System

Operating System Kya Hai?, Operating System की परिभाषाएं और Operating System की परिभाषाएं को जानने के बाद इसी क्रम में अब हम Operating System के प्रकार के बारे में जानते हैं।

1. Batch Processing Operating System

इस प्रकार के Operating System में एक प्रकार के सभी कार्यों को एक बैच के रूप में संगठित करके साथ में क्रियान्वित किया जाता है। इस कार्य के लिये Batch Monitor Software का प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के Operating System का प्रयोग ऐसे कार्यों के लिए किया जाता है, जिसमें User के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती है।

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इस ऑपरेटिंग सिस्टम में किसी प्रोग्राम के क्रियान्वय के लिए कम्प्यूटर के सभी संसाधन उपलब्ध रहते हैं, इसलिए समय प्रबन्धन की आवश्यक्ता नहीं होती। ये ऑपरेटिंग सिस्टम संख्यात्मक विश्लेषण, बिल प्रिण्टिंग, पेरोल आदि में उपयोग किए जाते हैं।

2. Single user operating system

इस Operating System में एक बार में केवल एक User को ही कार्य करने की अनुमति होती है। यह सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है। उदाहरण के लिए विंडोज 95/NT/2000 आदि।

3. Multi user operating system

मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम एक समय में एक से अधिक User को कार्य करने की अनुमति देता है। यह Operating System सभी User के मध्य संतुलन बनाकर रखता है। प्रत्येक प्रोग्राम की संसाधन संबंधी जरूरत को पूरा करता है। साथ ही साथ यह इस बात की भी निगरानी करता है कि किसी एक User के साथ होने वाली समस्या दूसरे Users पर प्रभाव ना डालें। यह Operating System कंप्यूटर के संसाधनों का सर्वाधिक उपयुक्त प्रयोग करता है। उदाहरण के लिए यूनिक्स बीएमएस आदि।

4. Multitasking operating system

Multitasking Operating System में एक समय में एक से अधिक कार्यों को संपन्न करने की क्षमता होती है। इसमें User आसानी से दो कार्यों के मध्य स्विच कर सकता है। Multitasking ऑपरेटिंग सिस्टम को दो भागों में विभाजित किया जाता है।

(i) Preemptive operating system

इस प्रकार के Operating System को कई कंप्यूटर प्रोग्राम्स तथा Hardware Devices शेयर करते हैं। तथा उनका प्रयोग करते हैं यह अपने समस्त कंप्यूटेशन टाइम को कार्यों के मध्य बांट देता है। तथा एक पूर्व निर्धारित मापदंड के आधार पर ही किसी नए कार्य का निष्पादन पूर्व कार्य के निष्पादन रोककर भी आरंभ हो जाता है। उदाहरण Os/2, windows95/NT आदि।

(i) cooperative multitasking operating system

यह Multitasking का एक सरलतम रूप होता है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम में एक प्रोग्राम तब तक सीपीयू का प्रयोग करता है जब तक उसे आवश्यकता होती है। यदि कोई प्रोग्राम सीपीयू का प्रयोग नहीं कर रहा है, तो वह दूसरे प्रोग्राम को अस्थाई रूप से सीपीयू को प्रयोग करने की अनुमति दे देता है। उदाहरण Make OS, windows, 3-X आदि।

5. Time sharing operating system

इस प्रकार के Operating System में एक साथ एक से अधिक User या प्रोग्राम कंप्यूटर के संसाधनों का प्रयोग करते हैं। इस कार्य में कंप्यूटर अपने संसाधनों के प्रयोग हेतु प्रत्येक User या प्रोग्राम को समय का एक छोटा सा भाग आमंत्रित करता है। जैसे टाइम स्टाइल या क्वांटम कहते हैं।

इस टाइम स्लाइस में यदि कोई उपयोग करता है या प्रोग्राम किसी संसाधन का प्रयोग कर रहा है तो दूसरा User या प्रोग्राम उस संसाधन के प्रयोग हेतु प्रतीक्षा करता है, लेकिन यदि समय इतना छोटा होता है कि अगले User या प्रोग्राम को यह महसूस नहीं होता है कि उसने प्रतीक्षा की है।

User यह समझता है, कि वही एकमात्र उपयोग करता है जो कंप्यूटर का प्रयोग कर रहा है। उदाहरण के रूप में मेनफ्रेम कंप्यूटर जिसमें एक समय में एक ही कंप्यूटर पर एक से अधिक User कार्य करते हैं। लेकिन फिर भी प्रत्येक व्यक्ति यही समझता है कि वही एकमात्र User है।

इस प्रकार के Operating System में समय प्रबंधन की आवश्यकता होती है। इस Operating System में मेमोरी का सही प्रबंध आवश्यक होता है, क्योंकि कई प्रोग्राम एक साथ मुख्य मेमोरी में उपस्थित होते हैं। इस व्यवस्था में सभी प्रोग्राम टाइम स्लाइस के आधार पर मुख्य मेमोरी में बारी-बारी से लाए जाते हैं, तथा टाइम स्लाइस पूर्ण होने पर मेमोरी में भेज दिए जाते हैं।

इस प्रक्रिया को स्वैपिंग कहते हैं यदि किसी प्रोग्राम के संपन्न होने में टाइम स्लाइस से अधिक समय लगता है तो उसे रोककर अन्य प्रोग्राम्स को क्रियान्वित किया जाता है।

6. Real time operating system

रियल टाइम Operating System एक ऐसा Multitasking Operating System होता है जिसमें Real Time Applications का क्रियान्वयन किया जाता है। जैसे एयरक्राफ्टों में प्रयोग होने वाला ऑटो पायलट मैकेनिज़्म।

इसमें एक प्रोग्राम के Output को दूसरे प्रोग्राम की Output की तरह प्रयोग किया जा सकता है। इस कारण पहले प्रोग्राम के क्रियान्वयन में देरी से दूसरे प्रोग्राम का क्रियान्वयन और परिणाम रुक सकता है।

Real Time Operating System में किसी भी दिए गए कार्य को पूरा करने की एक डेडलाइन दी गई होती है तथा इसी निर्धारित समय में उस कार्य को पूरा करना होता है रियल टाइम Operating System को दो भागों में बांटा गया है।

(i) High Real Time System

यह सिस्टम किसी महत्वपूर्ण कार्य को समय पर पूरा करने की गारंटी देता है। समय पर कार्य पूरा ना होने की स्थिति में प्रोग्राम का निष्पादन फेल हो जाता है। उदाहरण के लिए Aircraft Control System, Pacemakers आदि।

(ii) Soft Real Time System

इस सिस्टम में भी किसी कार्य को पूरा करने के लिए एक डेडलाइन दी जाती है। किंतु इस प्रकार के सिस्टम में कार्य का निष्पादन डेट लाइन से पहले और बाद में भी पूरा हो सकता है। परंतु इस स्थिति में कार्य का निष्पादन फेल नहीं होता है।

कुछ महत्वपूर्ण Operating System – ऑपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण

Unix Operating system kya hai

यूनिक्स एक Multi Tasking व Multi User ऑपरेटिंग सिस्टम है। जिसे वर्ष 1969 में विकसित किया गया था। इसे ही वर्ष 1973 में (C) भाषा में लिखा गया है।

किंतु प्रारंभ में इसे असेंबली भाषा में लिखा गया था इसे वर्ष 1969 में AT&T Bell प्रयोगशाला में विकसित किया गया था। इसका पूरा नाम Uniplex Information Computer System है।

इस Operating System को सर्वर तथा वर्क स्टेशन दोनों में प्रयोग किया जा सकता है। इसमें डाटा प्रबंधन का कार्य कर्नल द्वारा होता है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल व सेट अप करना कठिन होता है। किंतु इस Operating System के इंस्टॉल होने पर कंप्यूटर की क्षमता बहुत बढ़ जाती है।

Linux linux Operating system kya hai

यह ऑपरेटिंग सिस्टम वर्ष 1991 में Lines Torvalds द्वारा विकसित किया गया था इसका प्रयोग मुख्यतः सरवर के लिए होता है यह Operating System यूनिक्स पर आधारित है यह एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है तथा सभी प्रकार की कंप्यूटर पर चल सकता है।

Solaris Operating system kya hai

इसे ऑपरेटिंग सिस्टम का विकास माइक्रोसिस्टम द्वारा वर्ष 1993 में किया गया था। किंतु बाद में वर्ष 2010 में इस कंपनी को ओरेकल कॉरपोरेशन द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया। जिसके बाद इस सोलेरिस को ओरेकल सोलेरिस के नाम से जाना जाने लगा है।

यह Operating System सिस्टम मैनेजमेंट तथा नेटवर्क के कार्यों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है।

MS windows Operating system kya hai

यह ऑपरेटिंग सिस्टम माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित Graphical User Interface OS है। इसके फिलिंग संस्करण जैसे विंडोज 95/98/XP/VISTA windows 7 से लेकर Windows 11 तक आदि बाजार में उपलब्ध है। यादें भी यूजर फ्रेंडली Operating System है तथा इसमें कार्य करना अत्यंत सरल है।

कुछ महत्वपूर्ण मोबाइल Operating System

Android Operating system kya hai

इस ऑपरेटिंग सिस्टम को गूगल द्वारा 2007 में प्रस्तुत किया गया था यह लाइनेक्स पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसे प्रमुख रूप से टच स्क्रीन मोबाइल जैसे टेबलेट स्मार्टफोन आदि के लिए बनाया गया है। एंड्राइड का नवीनतम संस्करण Pie है जिसे 2019 में प्रस्तुत किया गया है।

Symbian Operating system kya hai

यह Operating System सिंबियन लिमिटेड के द्वारा प्रस्तुत किया गया है। स्मार्टफोंस के लिए डिजाइन किया गया Open Source Operating System है। इसका प्रयोग मोटोरोला, सोनी, नोकिया, सैमसंग आदि कंपनियों के विभिन्न फोन सेट्स में किया जाता है।

IOS Operating system kya hai

यह एप्पल इनकॉरपोरेशन के द्वारा निर्मित एक बहुत लोकप्रिय Operating System है। इसका प्रयोग मुख्य रूप से एप्पल के आईफोन, आईपोड, आईपैड इत्यादि Devices में किया जाता है।

BlackBerry Operating system kya hai

यह सबसे सुरक्षित माने जाने वाला Operating System है। जिसका प्रयोग ब्लैकबेरी कंपनी के द्वारा ब्लैकबेरी फोंस में किया जाता है यह वैप 1.2 को भी सपोर्ट करता है। इसका नवीनतम संस्करण ब्लैकबेरी 10 है।

FAQ – Operating System Kya Hai ?

ऑपरेटिंग सिस्टम की परिभाषा क्या है?

एक ऑपरेटिंग सिस्टम विशेष प्रोग्रामों का एक समूह है जो कंप्यूटर के संपूर्ण संचालन को नियंत्रित करता है। यह हमें कंप्यूटर संसाधनों के उपयोग की निगरानी और व्यवस्थित करने में मदद करता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण कौन कौन से हैं?

माइक्रोसॉफ़्ट विंडोज़।
गूगल का एंड्रॉइड ओएस।
ऐप्पल आईओएस।
ऐप्पल मैकोज़।
लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम।

मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम कौन कौन से हैं?

Android
Symbian
IOS
BlackBerry

Operating System के प्रमुख कार्य क्या हैं?

Operating System कम्प्यूटर के सफल संचालन की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसके प्रमुख कार्य चार प्रकार के होते हैं।

निष्कर्ष – Operating System Kya Hai ?

दोस्तों उम्मीद है कि आपको यह आर्टिकल Operating System Kya Hai ? ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार एवं इसके कार्य आदि के बारे में अच्छे से समझ आ गया होगा। अगर आपको यह पोस्ट पसन्द आई हो तो इसे अन्य लोगों के साथ जरूर शेयर करें।

अगर आपके मन में Operating System Kya Hai ? ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार एवं इसके कार्य इस पोस्ट से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की शंका है तो आप हमें कमेंट बोक्स के माध्यम से बता सकते हैं हम आपकी पूरी तरह सहायता करेंगे

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