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कम्प्यूटर का कार्य क्षेत्र और उसके लाभ

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कम्प्यूटर का कार्य क्षेत्रः-

आज के इस आर्टिकल में हम कम्प्यूटर का कार्य क्षेत्र और उसके लाभ के बारे में जानेंगे । कंप्यूटर का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में एक ऐसा चित्र सामने आता है जिसे हम इलेक्ट्रानिक्स से सम्बन्धित कोई उपकरण समझते हैं, जो कि बहुत तीव्र गति से कार्य करता है।  कम्प्यूटर आज के समय में इतने उपयोगी सिद्ध हुए हैं कि इस विषय में जितना भी कहा जाए वह कम है। फिर भी इनके कुछ उपयोगों के विषय में संक्षेप में कुछ कहना अप्रासंगिक न होगा । यदि आप कंप्यूटर का अर्थ और परिभाषा के बारे में जानना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करें-

1. Scientific Research-

वैज्ञानिकों के लिए तो कम्प्यूटर किसी वरदान से कम नहीं है। इनके कारण विज्ञान के हर क्षेत्र में प्रगति हुई है। उदाहरण के लिये मौसम का सफल पूर्वानुमान, चंद्रमा तथा अन्य ग्रहों पर मानव की पहुंच कैट स्कैन, टेलिटेक्स्ट आदि।

2. Data Processing –

कम्प्यूटर की सबसे बड़ी उपयोगिता इसकी डेटा प्रासेसिंग क्षमता है। डेटा चाहे न्यूमेरिक हो चाहे नोन-न्यूमेरिक । इसीलिए यह हमारा कुशल, धैर्यवान, परिश्रमी, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइज़ कहलाता है। यह हमारे लेखन कार्य करता है, वेतन-सूची बनाता है, और हर प्रकार के बिल बनाने के कार्य कर सकता है; बिल चाहे बिजली के हो, पानी के हो टेलीफोन के या कोई अन्य यह हमारे डेटा को व्यवस्थित रखता है और माँगने पर इनसे सम्बन्धित प्रत्येक सूचना तुरन्त देता है।

3. Bank-

कम्प्यूटर बैंकों के लेखाकार्य में भी एक बड़ी भूमिका निभा रहे है। कम्यूटरीकृत चेकों के विषय में तो पहले ही कहा जा चुका है। यह ग्राहकों के खातों से सम्बन्धित सब सूचनाएँ भी व्यवस्थित रखते हैं जिसमें त्रुटि की सम्भावना घट गई है। पश्चिमी देश तो बैंकों में कम्प्यूटर के प्रयोग देखकर मुद्राहीन समाज की कल्पना करने लगे हैं।

4. Reservation-

अब आप हर ऐसे नगर से confirmed टिकट खरीद सकते हैं जो आपके गन्तव्य से कम्प्यूटर-नेटवर्क द्वारा जुड़ा होता है। कम्प्यूटर में हर समय यह सूचना उपस्थित रहती है कि किस तिथि को कहाँ से कहाँ के लिए टिकट उपलब्ध है। यही बात हवाई यात्रा के आरक्षण पर भी लागू है। यह सुविधा इंटरनेट-नेटवर्क के कारण सुलभ हुई है। टीवी पर जो दूरपाठ्य सेवा उपलब्ध है वह भी इंटरनेट से ही संभव हुई है।

5. Treatment-

चिकित्सा क्षेत्र में भी कम्प्यूटरों के कारण एक क्रांति आई है। Computer Assisted Tomography आज एक सर्व परिचित शब्द है। इससे तरह-तरह के ट्यूमर, उनका साइज और उनकी स्थिति का सही अनुमान किया जा सकता है। पहले यह बड़ा दुष्कर कार्य या कम्प्यूटर रोग-निदान और उचित औषधि निर्धारण में भी सहायक हो रहे हैं। गम्भीर स्थिति वाले रोगियों की पल-पल की दशा का भी यह पता देते रहते है। प्रत्येक आधुनिक अस्पताल अनेकानेक कम्प्यूटरों से युक्त होता है।

6. Crime Control-

कम्प्यूटर पुलिस विभाग का भी मित्र है। कम्प्यूटर के द्वारा अपराधियों के रिकॉर्ड बड़े विस्तार में रखे जा सकते हैं। अपराध जिस प्रकार किया गया हो, उसे देखकर कम्प्यूटर यह बता सकता है कि कौन कौन अपराधी इस प्रकार के कार्य करते हैं। अंगुलियों के निशान मिलाने में तो कम्प्यूटर का जोड़ ही नहीं यह बहुत कम समय में विश्वसनीय रूप से मिलान कर देता है।

7. Natural Science-

कम्प्यूटर जहाँ अपराधियों का पता लगाते हैं वहाँ यह पृथ्वी में छुपे तेल तथा खनिजों का भी ज्ञान कराते हैं। कब कहाँ भूकम्प/तूफान की सम्भावना है या ज्वालामुखी फटने की इस बात का ज्ञान कराने में भी यह सहायक है। एक ओर ये जंगलों और पानी की आग का पता देते है तो दूसरी ओर ये किसी भी क्षेत्र की वनस्पतियों और जीवों की वर्गीकृत सूचना भी रखते है। ये वातावरण प्रदूषण का स्तर भी बढ़ाते रहते है। मौसम के पूर्वानुमान में भी इनका बड़ा योगदान है। इस पूर्वानुमान के लिए बहुत बड़ी मात्रा में डेटा तत्काल प्रोसेस करने पड़ते हैं। इसलिए इस कार्य के लिए सुपर कम्प्यूटर की आवश्यकता होती है। हर रात टीवी पर मौसम बताने वाला देश का जो चित्र आप देखते हैं वह कुछ ऑकड़ों से निर्धारित कम्प्यूटर द्वारा बनाया गया एक digital चित्र होता है।

8. Commercial Production-

कम्प्यूटर जटिल यंत्रों और कल-पुर्जों की designing और उनका निर्माण भी करता है। यह उत्पाद की मात्रा का लेखा-जोखा रखता है और सीमित साधनों का अनुकूलतम प्रयोग भी बताता है। यह बाजार की प्रवृत्तियों के आधार पर उत्पादक को सुझाव देता है कि कब, कितना और क्या उत्पादित किया जाए।

9. Office–

कम्प्यूटर ने आधुनिक कार्यालयों को तो काया ही पलट दी है। अब फाइलों के अम्बार अनिवार्य नहीं। सब आँकड़े और रिकॉर्ड फ्लॉपियों पर रखे जा सकते हैं। वर्ड प्रोसेसिंग तथा एमएस वर्ड पैकेजों ने सचिवीय अधिकारियों का जीवन कैसा सरल कर दिया है यह आगे बताया जाएगा।

10. designing-

(designing) कम्प्यूटर ग्राफिक ने वास्तुकारों, गृहशिल्पियों और अभियन्ताओं के कार्य को नए आयाम दिये हैं। अब माउस, लाइट पैन तथा प्लॉटर के प्रयोग द्वारा डिजाइनर अपने डिजाइन को मॉनीटर पर साकार देख सैकड़ों रूपों में इसे बड़ा-छोटा कर, यहाँ-वहाँ से बदलकर, कुछ जोड़कर, कुछ घटाकर मनचाहा रूप दे सकता है। उदाहरण के लिए, एक वस्त्र डिजाइनर कई प्रकार की रंग-योजना का प्रभाव केवल एक key दबाकर VDU पर देख सकता है। जो रंग-योजना मनोहर लगे, उसी के अनुसार कपड़ा बुनवाया या छपवाया जा सकता है। इसी प्रकार मकानों के नक्शे VDU पर देख उनमें मनचाहे संशोधन किये जा सकते हैं कम्प्यूटर की सहायता से पूरी कॉलोनियों और नगरों के डिजाइन भी बनाये जाते हैं। सड़कों के अनुकूलतम जालक्रम, आमोद-प्रमोद-स्थल तथा बाजारों की उपयोगी स्थिति निर्धारित करने में भी यह सहायक हो रहा है।

11. Subtle And Critical Tasks-

कम्प्यूटर रोबोट (robot) या कम्प्यूटर संचालित मशीनी पुतले आजकल ऐसे कार्यों के लिए खूब प्रयोग में लाये जा रहे हैं जिनमें मनुष्य के जीवन या स्वास्थ्य को खतरा हो; जैसे-nuclear reactor में कार्य करना, जलते हुए भवनों में से मनुष्यों को निकालना, समुद्र में गहराई तक जाकर कुछ लाना या चित्र खींचना, खदानों में कार्य करना आदि। कुछ अतिसूक्ष्म कार्य, जिन्हें करने में मनुष्य को कठिनाई हो, रोबोट कर देते हैं। इनमें सूक्ष्म कल-पुर्जे बनाना मुख्य है। यूँ रोबोट स्थूल कार्य भी करते हैं। जापान में रोबोट बनाने वाले पूर्णतः ऑटोमैटिक एक कारखाने में रोबोट दिन-रात अपने प्रतिरूप स्वयं बनाते रहे हैं।

12. Astronomy Assignments-

इसमें कुछ कहना अनावश्यक ही होगा। आप जानते हैं कि सब उपग्रह कम्प्यूटर से ही संचालित होते हैं। इनमें कार्य करने वाले सब उपकरण कम्प्यूटर से ही नियंत्रित होते हैं। उपग्रह की कक्षा का निर्धारण और आवश्यकतानुसार इसमें सुधार या परिवर्तन भी कम्प्यूटर के कंट्रोल में है। दूर-संचार और उससे प्राप्त सुविधाओं को कौन नहीं जानता?

13. Printing-

अब एक-एक अक्षर को खाँचे में कसकर, खाँचे के दाब से पृष्ठ प्रिंट कर, उसमें भूल सुधार के अनुसार दोबारा खाँचे में जड़े अक्षरों को बदल-बदल कर पुस्तक छापने की आवश्यकता नहीं। आप सीधे की-बोर्ड के प्रयोग से फ्लॉपी में पुस्तक की पाठ्य सामग्री लिख लेते हैं। यह पाठ्य सामग्री कम्प्यूटर स्क्रीन पर देखकर आप तत्काल गलतियों को ठीक कर लेसर प्रिंटर से इसे छाप सकते हैं। दूसरी बड़ी बात यह कि छपाई के बाद भी आपकी पाठ्य सामग्री फ्लॉपियों में सुरक्षित रहती है। आप इसी से पुस्तक का संशोधित संस्करण छाप सकते हैं। सामान्य मुद्रण में पूरी पुस्तक पुनः कम्पोज करनी पड़ती है जिसमें बहुत समय लगता है।

14. Entertainment-

मनोरंजन की दुनिया में भी तो कम्प्यूटर ने तहलका मचा दिया है। वीडियो गेम से सभी परिचित है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार इनसे मनोरंजन तो होता ही है, रचनात्मक प्रवृत्तियों के विकास में भी सहायता है।

15. Computer Simulation-

किसी मूर्त अथवा अमूर्त सिस्टम के समस्त अथवा आंशिक व्यवहार को कम्प्यूटर पर निरूपित करने की क्रिया कम्प्यूटर अनुकरण (computer simulation) कहलाती है। यदि किसी क्षेत्र में प्रत्यक्ष प्रयोग संकटमय, बहुव्ययी, अव्यावहारिक अथवा अनैतिक हो तो ऐसे प्रयोग कम्प्यूटर सिमुलेशन (अनुकरण) से सम्पन्न किये जा सकते हैं।

16. Table Maintenance-

जहाँ कहीं किसी भी प्रकार की लिस्टें बनाने की और इनके रख-रखाव व प्रबन्धन की समस्या हो वहाँ कम्प्यूटर से उत्तम कोई साधन नहीं। जैसे—संग्रहालयों और पुस्तकालयों में कम्प्यूटर के समुचित प्रयोग से संग्रहालय की किसी भी वस्तु के विषय में तत्काल सूचना प्राप्त की जा सकती है। कोई पुस्तक पुस्तकालय में है या नहीं, नहीं है तो क्रय ही नहीं की गई या किसी सदस्य के पास है, कब वापिस आयेगी, ऐसी अनेकानेक सूचनाएँ कम्प्यूटर तत्काल बताता है।

17. Education-

कम्प्यूटर सहायित शिक्षण द्वारा विद्यार्थी अपनी गति से अपने चुने हुए समय पर शिक्षा प्राप्त करता है। ऐसे interactive पैकेज उपलब्ध है जो विद्यार्थी को तब तक अभ्यास कराते हैं जब तक वह एक विषय में वांछित योग्यता प्राप्त न कर ले। दूरसंचार / कम्प्यूटर जालक्रम द्वारा एक शिक्षक द्वारा एक जगह पढ़ाया गया पाठ, अन्य स्थानों के छात्रों को भी उपलब्ध होता है। जहाँ ग्राफों के द्वारा कुछ समझाना हो वहाँ तो इसकी उपयोगिता निर्विवाद है। कम्प्यूटर एक key दबाते ही कम्प्यूटर पर ग्राफ को बनते हुए देखा जा सकता है। एक आँकड़े में परिवर्तन करने से प्राफ कैसे बदलता है यह मिनटों में छात्र की मैमोरी पर अंकित हो जाता है। कम्प्यूटर की उपयोगिता के विषय में जो कहा जाए वह कम है क्योंकि इसका प्रभाव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पड़ा है। कम्प्यूटर ने हमारे जीवन की विधा और जीवन-मूल्य ही बदल दिये है। कम्प्यूटर के बढ़ते हुए प्रभाव से कुछ लोग चिंतित भी हैं। सर्वाधिक चिंता का विषय पाँचवीं पीढ़ी के कम्प्यूटर हैं जिनमें बुद्धि होगी और होगा विशेष ज्ञान गलत हाथों में ये कम्प्यूटर प्रलय मचा सकते हैं। जिन खतरों की सम्भावना बताई जा रही है, वे है भावहीन संस्कृति, वैयक्तिकता की हानि, एकरस नीरस कार्य तथा बेरोजगारी कम्प्यूटर-जनित अपराध तो चिंता का विषय सिद्ध हो ही चुके हैं। हैकर (Hacker) बढ़ते ही जा रहे हैं जो अनधिकृत रूप से किसी के निजी डेटा को बदल देते हैं। सुरक्षा डेटा का हैकर एक गम्भीर समस्या हो गयी है। इस सबके होते हुए भी कम्प्यूटर हम पर हावी हो ही रहे है। वास्तविक अर्थों में कम्प्यूटर विज्ञान को हम भविष्य विज्ञान कह सकते हैं।

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